Banda SP Meeting: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में समाजवादी पार्टी की जिला कार्यकारिणी बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब पार्टी के सांसद कृष्णा देवी पटेल और बबेरू विधायक विशंभर यादव के बीच सार्वजनिक रूप से तीखी नोकझोंक हो गई। बैठक के दौरान हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। बैठक में हंगामा शहर स्थित सपा कार्यालय में आयोजित बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों और राजनीतिक रणनीति पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान किसी मुद्दे को लेकर सांसद कृष्णा देवी पटेल ने नाराजगी जताई और विधायक विशंभर यादव पर अप्रत्यक्ष रूप से आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके साथ लगातार अनुचित व्यवहार किया जा रहा है और इस बारे में पार्टी नेतृत्व को भी अवगत कराया जा चुका है। सांसद की इस टिप्पणी के बाद बैठक का माहौल अचानक गर्म हो गया। विधायक विशंभर यादव ने भी तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने सांसद का नाम नहीं लिया था और उनसे मर्यादित भाषा में बात करने की अपील की। कुछ समय तक दोनों नेताओं के बीच बहस चलती रही, जिसके बाद बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। https://twitter.com/INDIAHEADLINEST/status/2070743323644510249 पुराने मतभेद आए सामने राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि सांसद और विधायक खेमों के बीच संगठनात्मक प्रभाव और क्षेत्रीय राजनीतिक सक्रियता को लेकर लंबे समय से मतभेद की चर्चाएं थीं, लेकिन यह पहली बार है जब मामला सार्वजनिक रूप से सामने आया है। बताया जा रहा है कि बैठक में मौजूद किसी कार्यकर्ता ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में वायरल हो गया। विवाद पर सफाई देते हुए विधायक विशंभर यादव ने कहा कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की नीतियों पर टिप्पणी कर रहे थे, लेकिन सांसद ने इसे अपने संदर्भ में समझ लिया। उनके अनुसार, उन्होंने उसी समय स्पष्ट कर दिया था कि उनकी बात सांसद के लिए नहीं थी। संगठन में उठे सवाल दूसरी ओर, सांसद कृष्णा देवी पटेल के पति और पूर्व मंत्री शिवशंकर सिंह पटेल ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताते हुए सार्वजनिक टिप्पणी से परहेज किया। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी जाएगी। वायरल वीडियो के बाद सपा संगठन में अंदरूनी खींचतान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाता है। ये भी पढ़ें: 100 रुपये के स्टांप पर 333 करोड़ का सौदा! बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे टोल कॉन्ट्रैक्ट में 13.34 करोड़ की स्टांप चोरी का खुलासा